कांग्रेस गुटबाजी के कारण अपनी पहली अग्निपरीक्षा में उलझी
सोनीपत में कई बागी उम्मीदवार मैदान में, कमल दीवान की राह मुश्किल बना सकते हैं बागी

सत्य खबर हरियाणा
Haryana Congress Groupism : हरियाणा में लंबे समय के बाद संगठन बनने के कांग्रेस पहली बार चुनावी मैदान में है। इस चुनाव को पहले से ही कांग्रेस के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं आंका जा रहा था और कांग्रेस अपनी इस अग्निपरीक्षा में परीक्षा पूरी होने से पहले ही संकट में पड़ी दिखाई देने लगी है।

यूं तो कांग्रेस में एकता की बात की जाती है लेकिन जब टिकट की बात आती है तो एकता तार-तार होती हुई साफ दिखने लगती है। तीन नगर निगम और एक नगर परिषद तथा तीन नगर पालिकाओं के चुनाव में कांग्रेस की गुटबाजी अपने चरम पर है। सोनीपत, पंचकूला और अंबाला नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस की फूट सामने आ रही है। सोनीपत में तो पिछले तीन दिनों से लगातार हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है।
सोनीपत में पहले टिकटों के बंटवारे को लेकर मेयर उम्मीदवार कमल दीवान चुनाव मैदान ही छोड़ दिया था। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने कमल दीवान को मनाने के लिए उनके विरोधियों की टिकट काटने का काम किया और उनके समर्थकों को टिकट थमा दी। कांग्रेस को लगता था कि शायद अब ड्रामा खत्म हो जाएगा लेकिन ड्रामा का क्लाइमेक्स अभी बाकी है।
सोनीपत में कई बागी उम्मीदवार मैदान में हैं। इनेलो छोड़कर 2020 में कांग्रेस में शामिल हुईं संतोष कादियान वार्ड-5 से टिकट की दावेदार थीं। लिस्ट में नाम न आने पर संतोष ने जिला अध्यक्ष एवं मेयर उम्मीदवार कमल दीवान और पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। संतोष कादियान ने कहा कि उन्हें भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने टिकट का भरोसा दिलाया था। तीन दिन पहले तक उनकी टिकट लगभग तय थी। पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार ने भी उन्हें दस्तावेज और एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा था। संतोष कादियान ने बताया कि इसी भरोसे पर उन्होंने नगर निगम में करीब 1.70 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराकर एनओसी प्राप्त की। गुरुवार सुबह तक भी उसको कहा जा रहा था कि उसकी टिकट फाइनल है। इसे देखते हुए वे चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं, ऐसे में अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। संतोष कादियान ने सोशल मीडिया पर पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार को “खलनायक” और “झूठा नायक” तक कह दिया। उन्होंने कमल दीवान की प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली वीडियो पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “हारने वाला और बिकने वाला प्रत्याशी” बताया।
बेटे को पार्षद का टिकट दिलाने में असफल रहे पार्टी के जिला महामंत्री सतबीर निर्माण ने दो टूक कह दिया कि वे बेटे को निर्दलीय मैदान में उतारेंगे। निर्माण सांसद कुमारी सैलजा गुट के माने जाते हैं। वह वार्ड-2 से बेटे राहुल के लिए टिकट मांग रहे थे। कांग्रेस कार्यालय में बैठकर सतबीर निर्माण ने वीडियो बना सोशल मीडिया पर अपलोड किया और बगावत की। कुमारी शैलजा गुट से जुड़े कांग्रेस जिला महामंत्री सतबीर निर्माण अपने बेटे राहुल के लिए वार्ड-2 से टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट न मिलने पर उन्होंने खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा से भी उनकी टिकट को लेकर बातचीत हुई थी और उन्हें भरोसा दिया गया था। मगर, ऐन वक्त पर टिकट काट दिया गया। वार्ड-2 में जिस प्रत्याशी को टिकट दी गई है, वह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुआ है, जबकि वे लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। सतबीर निर्माण ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी बातें कही। उन्होंने कमल दीवान पर आरोप लगाए। साथ दावा किया कि वे कमल दीवान को 50 हजार से ज्यादा वोटों से हरवाएंगे।
पूर्व डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत ने कहा, मेरी टिकट तय थी। मगर, पिछले कुछ दिनों से जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने टिकटों को लेकर विवाद खड़ा किया। दीवान के दबाव में ही मेरा टिकट कटा। मनजीत गहलावत ने आगे कहा कि पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार द्वारा पार्षद उम्मीदवारों के लिए भेजे गए कई नामों को अंतिम सूची में जगह नहीं मिली है। कमल दीवान द्वारा मेयर चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद पार्टी हाईकमान ने उनकी बात मान ली और उसी आधार पर टिकटों में बदलाव किया गया। मगर, वे पार्टी के आदेश के साथ हैं।
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